
व्हीलचेयर पर बैठकर प्यारेलाल ने पत्नी सुनीला शर्मा को दी आखिरी विदाई, भावुक कर देगा यह पल, वीडियो देख नम हो जाएंगी आंखें
जीवनसाथी का साथ जब वर्षों तक बना रहता है, तो वह रिश्ता केवल पति-पत्नी का नहीं बल्कि एक-दूसरे की दुनिया बन जाता है। ऐसा ही एक बेहद भावुक दृश्य सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की आंखें नम कर दीं। वायरल हो रहे वीडियो में बुजुर्ग प्यारेलाल अपनी पत्नी सुनीला शर्मा को अंतिम विदाई देने के लिए व्हीलचेयर पर बैठकर श्मशान घाट पहुंचे। उम्र और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी को अंतिम बार देखने और विदा करने का साहस जुटाया। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।
बताया जा रहा है कि प्यारेलाल लंबे समय से अस्वस्थ हैं और चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण व्हीलचेयर का सहारा लेते हैं। पत्नी सुनीला शर्मा के निधन की खबर मिलते ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अपनी पत्नी को अंतिम विदाई स्वयं देंगे। परिवार के सदस्यों ने उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया। वहां उन्होंने नम आंखों से अपनी पत्नी को अंतिम प्रणाम किया और काफी देर तक उन्हें निहारते रहे। इस दौरान मौजूद लोगों की भी आंखें भर आईं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि प्यारेलाल बेहद शांत भाव से अपनी पत्नी के पार्थिव शरीर के पास बैठे हैं। उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा है। कई लोग उन्हें संभालते नजर आते हैं, लेकिन वह लगातार अपनी पत्नी को देखते रहते हैं। वीडियो में मौजूद यह खामोशी ही उनके दर्द को बयां कर देती है। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसने इसे जीवनभर साथ निभाने वाले प्रेम की सबसे मार्मिक तस्वीर बताया।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भावुक प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि सच्चा प्रेम उम्र, बीमारी और परिस्थितियों से बड़ा होता है। कुछ लोगों ने इसे सात जन्मों के रिश्ते का वास्तविक अर्थ बताया, जबकि कई लोगों ने प्यारेलाल के साहस और पत्नी के प्रति उनके समर्पण को सलाम किया। हजारों लोगों ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह दृश्य हर किसी को रिश्तों की अहमियत समझाता है।
हालांकि यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके साथ साझा किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। फिर भी इस घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि जीवन की सबसे कठिन घड़ी में भी सच्चा साथ और प्रेम इंसान की सबसे बड़ी ताकत होता है। प्यारेलाल और सुनीला शर्मा की यह अंतिम विदाई केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि जीवनभर निभाए गए अटूट रिश्ते और समर्पण की ऐसी कहानी बन गई है, जिसने लाखों लोगों के दिलों को छू लिया।

