
जम्मू में सलाल और बगलिहार डैम के गेट खुले, चिनाब नदी का बढ़ेगा जलस्तर; पाकिस्तान पर क्या पड़ेगा असर?
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर के बीच सलाल और बगलिहार जलविद्युत परियोजनाओं के कुछ गेट खोले गए हैं। इसका उद्देश्य अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से छोड़ना और बांधों पर दबाव कम करना है। इसके चलते चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने कहा है कि गेट खोलना मानक जल प्रबंधन प्रक्रिया का हिस्सा है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों और संबंधित एजेंसियों को पहले से अलर्ट किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
जहां तक पाकिस्तान पर असर की बात है, चिनाब नदी भारत से होकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है। इसलिए भारत की ओर से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी कुछ समय बाद पाकिस्तान तक पहुंच सकता है और वहां भी जलस्तर में अस्थायी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, यह प्रभाव मुख्य रूप से छोड़े गए पानी की मात्रा, मौसम और नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर निर्भर करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पानी का प्रवाह सामान्य बाढ़ प्रबंधन के तहत छोड़ा गया है, तो इसे सामान्य जल संचालन प्रक्रिया माना जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि भारत मनमाने तरीके से नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि के तहत चिनाब जैसी नदियों के जल उपयोग और संचालन के लिए निर्धारित नियम लागू होते हैं।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

