
राज्यसभा में NDA की बढ़ी ताकत! 19 सीटों की जीत से दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा गठबंधन, विपक्ष की चिंता बढ़ी
नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों और उपचुनावों के बाद संसद के उच्च सदन में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 26 में से 19 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन को केवल 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि एक सीट मिजोरम की क्षेत्रीय पार्टी के खाते में गई। इस परिणाम ने राज्यसभा में NDA को दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब पहुंचा दिया है।
राज्यसभा की कुल प्रभावी सदस्य संख्या 245 मानी जाती है, जिसमें दो-तिहाई बहुमत के लिए लगभग 164 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है। चुनावों के बाद NDA का आंकड़ा लगातार बढ़ा है और सहयोगी दलों तथा नामित सदस्यों के समर्थन के साथ गठबंधन की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
दूसरी ओर विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम चिंता का विषय माना जा रहा है। कई राज्यों में क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के भीतर असंतोष ने INDIA गठबंधन की रणनीति को झटका दिया है। झारखंड जैसे राज्यों में विपक्षी उम्मीदवारों की हार ने यह संकेत दिया है कि विपक्ष को अपनी एकजुटता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राज्यसभा में बढ़ती ताकत NDA को भविष्य में बड़े संवैधानिक और नीतिगत फैसलों के लिए बेहतर स्थिति में ला सकती है। हालांकि दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है, लेकिन हालिया चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उच्च सदन में सत्ता पक्ष की पकड़ पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हो चुकी है। आने वाले महीनों में संसद का मानसून सत्र और विपक्ष की रणनीति इस बदले हुए नंबर गेम की असली परीक्षा साबित होगी।

