
रसड़ा से उमाशंकर सिंह के बेटे को मिलेगा BSP का टिकट? मायावती ने पहली बार दिया बड़ा संकेत
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रसड़ा (बलिया) से विधायक रहे उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी चुनाव में बसपा रसड़ा विधानसभा सीट से उमाशंकर सिंह के बेटे को उम्मीदवार बना सकती है।
उमाशंकर सिंह के आवास पर पहुंचीं मायावती ने परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति की चर्चा का नहीं, बल्कि दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने का है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि यदि परिवार की इच्छा होगी तो वह उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगी और उन्हें उनके पिता के स्थान पर उचित सम्मान एवं महत्व दिया जाएगा।
मायावती ने कहा, “अगर परिवार चाहे तो उनके पुत्र को राजनीति में लाकर आगे बढ़ाऊंगी और उन्हें उनके स्थान पर पूरा महत्व दूंगी। यह मौका ऐसी बात कहने का नहीं है, लेकिन उमाशंकर सिंह लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और उन्होंने समाज की सेवा की। यदि परिवार चाहेगा तो उनके बेटे को राजनीति में आगे लाने का काम किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका मानना है कि रसड़ा विधानसभा क्षेत्र की जनता भी यही चाहेगी कि उमाशंकर सिंह के परिवार को आगे बढ़ने का अवसर मिले। मायावती ने कहा कि अब जब उमाशंकर सिंह हमारे बीच नहीं रहे, तो क्षेत्र की जनता भी उनके बेटे का समर्थन करने की इच्छा रख सकती है।
बसपा प्रमुख ने उमाशंकर सिंह के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि जब से वे पार्टी में शामिल हुए, तब से उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्ठा और वफादारी के साथ संगठन के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद उमाशंकर सिंह ने कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और न ही पार्टी के साथ विश्वासघात किया।
मायावती ने कहा, “जब से वे बसपा में आए, उन्होंने पूरी ईमानदारी और वफादारी से काम किया। उन्होंने कभी पार्टी के साथ धोखा नहीं किया। कल बीमारी के कारण उनके निधन की खबर सुनकर मुझे बेहद दुख हुआ। इस दुख की घड़ी में मैं उनके पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ खड़ी हूं।”
गौरतलब है कि उमाशंकर सिंह बसपा के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी। उनके निधन के बाद रसड़ा विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। मायावती के ताजा बयान के बाद अब यह अटकलें और मजबूत हो गई हैं कि यदि परिवार की सहमति मिलती है तो बसपा आगामी चुनाव में उमाशंकर सिंह के बेटे को मैदान में उतार सकती है।
हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम फैसला बसपा नेतृत्व और परिवार की सहमति के बाद ही सामने आएगा। लेकिन मायावती के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी उमाशंकर सिंह के परिवार को राजनीतिक रूप से सम्मान देने के पक्ष में है।

