
भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत! दूनागिरी, संशोधक और अग्रय युद्धपोत होंगे शामिल, चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी चिंता
भारतीय नौसेना जल्द ही अपनी ताकत में बड़ा इजाफा करने जा रही है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित दूनागिरी, संशोधक और अग्रय जैसे अत्याधुनिक युद्धपोत नौसेना के बेड़े में शामिल होने वाले हैं। इन युद्धपोतों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक क्षमता और निगरानी शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी।
दूनागिरी एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसे दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। वहीं, संशोधक एक सर्वेक्षण पोत है, जो समुद्री क्षेत्रों की सटीक मैपिंग और नौसैनिक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अग्रय युद्धपोत आधुनिक हथियार प्रणालियों और उन्नत तकनीकों से लैस है, जो समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
इन युद्धपोतों में आधुनिक मिसाइल सिस्टम, उन्नत रडार, हेलीकॉप्टर संचालन क्षमता और अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इनकी तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक बढ़त और मजबूत होगी तथा चीन और पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
भारतीय नौसेना लगातार स्वदेशीकरण पर जोर दे रही है और नए युद्धपोतों के शामिल होने से ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। इन अत्याधुनिक जहाजों के जरिए भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में और अधिक सक्षम होगा।

