
मोदी सरकार का बड़ा ऐलान: पेपर लीक पर अब सख्त कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार ने संकेत दिए हैं कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके और परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून लागू कर चुकी है, जिसके तहत पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और संगठित नकल कराने वाले गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई होगी।
केंद्र सरकार का दावा है कि इन कदमों का उद्देश्य लाखों मेहनती छात्रों के हितों की रक्षा करना और भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में जनता का भरोसा मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि सख्त कानून, त्वरित न्याय और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था के जरिए भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

