
महाकाल मंदिर में दान व्यवस्था हुई हाईटेक, 30 सेकंड में पता चलेगा सोना असली या नकली
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब मंदिर में चढ़ाए जाने वाले सोने के आभूषणों और अन्य कीमती धातुओं की जांच अत्याधुनिक XRF (एक्स-रे फ्लोरेसेंस) तकनीक से की जाएगी। इससे दान की गई धातु की शुद्धता का पता महज 30 सेकंड में चल सकेगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, नई मशीन बिना किसी नुकसान के सोने की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता की जांच करेगी। यह तकनीक यह भी बताएगी कि दान में मिला सोना असली है या नकली तथा उसमें अन्य धातुओं की कितनी मात्रा मौजूद है। इससे जांच प्रक्रिया तेज, सटीक और पूरी तरह पारदर्शी बनेगी।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस हाईटेक व्यवस्था से दान की प्रक्रिया पर श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही, मूल्यवान धातुओं के सही आकलन में आसानी होगी और मंदिर की संपत्तियों के प्रबंधन में भी पारदर्शिता आएगी।

