
ट्रंप का बड़ा आरोप- ‘चीन ने चुराया 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों का डेटा’, चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का दावा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी वोटरों से जुड़ा बड़ा डेटा चोरी किया गया और इसका इस्तेमाल चुनावों को प्रभावित करने के प्रयास के लिए किया जा सकता था। ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका में साइबर सुरक्षा और चुनावी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
ट्रंप ने दावा किया कि करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं के डेटा तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा बताया और कहा कि चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा को और मजबूत करना जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित एजेंसियों और चीन की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
अमेरिका में चुनावी डेटा की सुरक्षा लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर हमलों, डेटा चोरी और विदेशी हस्तक्षेप की आशंकाओं से निपटने के लिए लगातार निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है। फिलहाल ट्रंप के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है और पूरे मामले पर नजर बनी हुई है।

