MP के जंगलों में ‘पेड़ों का दुश्मन’ साल बोरर की वापसी, एक कीड़ा पकड़ने पर मिलेंगे 2 रुपये… जानिए क्यों हर 30 साल में लौटता है ये कीट

MP के जंगलों में ‘पेड़ों का दुश्मन’ साल बोरर की वापसी, एक कीड़ा पकड़ने पर मिलेंगे 2 रुपये… जानिए क्यों हर 30 साल में लौटता है ये कीट

मध्य प्रदेश के जंगलों में इन दिनों साल बोरर कीट को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है। पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले इस कीट के नियंत्रण के लिए विभाग ने एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसके तहत साल बोरर कीट पकड़कर जमा करने वालों को प्रति कीट 2 रुपये दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य जंगलों में साल के पेड़ों को होने वाले नुकसान को कम करना और समय रहते संक्रमण को नियंत्रित करना है।

साल बोरर एक ऐसा कीट है जो मुख्य रूप से साल (Shorea robusta) के पेड़ों को प्रभावित करता है। यह पेड़ के तने के अंदर घुसकर उसे कमजोर कर देता है, जिससे पेड़ों की वृद्धि प्रभावित होती है और कई बार पेड़ सूखने तक की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कीट का प्रकोप लंबे अंतराल के बाद बड़े स्तर पर दिखाई देता है, इसलिए हर कुछ दशकों में इसके बढ़ने की संभावना को लेकर वन विभाग विशेष निगरानी करता है।

वन विशेषज्ञों का मानना है कि साल बोरर की संख्या बढ़ने के पीछे जंगलों की स्थिति, मौसम में बदलाव और कीट के प्राकृतिक चक्र जैसे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। यही वजह है कि विभाग स्थानीय लोगों की मदद से कीटों की पहचान और नियंत्रण की कोशिश कर रहा है। समय रहते कदम उठाने से जंगलों में साल के पेड़ों को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है और वन संपदा की सुरक्षा की जा सकती है।

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