
चंदौली से गुजरा 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक, 200 टन का वेसल लेकर निकला
चंदौली में इन दिनों 308 पहियों वाला ‘बाहुबली’ ट्रक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस विशाल मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रांसपोर्टर पर करीब 200 टन वजनी औद्योगिक वेसल लदा है। बेल्जियम से समुद्र के रास्ते भारत पहुंचा यह वेसल ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सड़क मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश लाया गया है। अब इसे चंदौली से लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल पहुंचाया जा रहा है।
इतने भारी वेसल को सामान्य ट्रक से ले जाना संभव नहीं था, इसलिए हाइड्रोलिक हेवी हॉल ट्रांसपोर्टर का इस्तेमाल किया गया है। इसमें करीब 20 ट्रॉली और कई एक्सल जुड़े हैं, जिन पर कुल 308 पहिए लगाए गए हैं। इतने ज्यादा पहियों का मकसद भारी वजन को कई एक्सल में बांटना है, जिससे सड़क पर प्रति पहिया पड़ने वाला भार कम रहे और पुल, मोड़ व संवेदनशील हिस्सों से वाहन को सुरक्षित निकाला जा सके।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विशाल ट्रक रोजाना महज 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। इसके साथ दो क्रेन, दो अतिरिक्त ट्रेलर और 64 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम भी चल रही है। ट्रक चालक के मुताबिक अब तक डीजल पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है। पूरे रूट पर पुलिस, एनएचएआई और संबंधित विभागों की टीमें पहले से निरीक्षण कर रही हैं।
रिंग रोड पार करने के बाद ट्रक डाफी और राजातालाब होते हुए गाजीपुर रूट से आगे बढ़ेगा। रेवसा के पास रिंग रोड पार कराने के दौरान रास्ते को तैयार करने के लिए मिट्टी डाली गई और टीम ने ट्रेलर को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष इंतजाम किए। भारी-भरकम ट्रांसपोर्टर को देखने के लिए रास्ते में लोग रुककर वीडियो और फोटो भी बना रहे हैं।
इस पूरे ऑपरेशन की खासियत सिर्फ इसका 308 पहियों वाला ट्रेलर नहीं, बल्कि इसकी तकनीक भी है। हाइड्रोलिक मॉड्यूलर ट्रेलर के पहिए अलग-अलग दिशा में घूम सकते हैं, जिससे इतने बड़े वाहन को मोड़ने में मदद मिलती है। जिस वेसल को ले जाया जा रहा है, उसकी लंबाई करीब 100 फीट और ऊंचाई 20 फीट से ज्यादा बताई जा रही है। यह पूरा ऑपरेशन देश में बढ़ते बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भारी और ओवरसाइज्ड कार्गो को सड़क मार्ग से पहुंचाने की चुनौती को भी दिखाता है।

