क्या सस्ता होगा हवाई सफर? जेट फ्यूल को GST के दायरे में लाने की एयरलाइन कंपनियों की बड़ी मांग

क्या सस्ता होगा हवाई सफर? जेट फ्यूल को GST के दायरे में लाने की एयरलाइन कंपनियों की बड़ी मांग

देश में हवाई यात्रा को और किफायती बनाने की दिशा में एयरलाइन कंपनियों ने सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। कंपनियों का कहना है कि विमानन ईंधन (एविएशन टर्बाइन फ्यूल-ATF) को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि ईंधन पर लगने वाले ऊंचे करों का बोझ कम हो सके। एयरलाइंस का तर्क है कि ATF उनकी परिचालन लागत का सबसे बड़ा हिस्सा होता है और इस पर टैक्स कम होने से उड़ानों का संचालन सस्ता हो सकता है।

वर्तमान में ATF पर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दरों से वैट लगाया जाता है, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ जाती है। यदि इसे GST के दायरे में शामिल किया जाता है, तो पूरे देश में कर व्यवस्था एक समान हो सकती है और कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी लाभ मिलेगा। उद्योग जगत का मानना है कि इससे परिचालन खर्च घटेगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लंबी अवधि में यात्रियों को भी कम किराए का फायदा मिल सकता है।

हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र और राज्यों की सहमति के बाद ही लिया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो भारतीय विमानन क्षेत्र को नई गति मिल सकती है और हवाई यात्रा पहले के मुकाबले अधिक किफायती हो सकती है। फिलहाल एयरलाइन कंपनियां इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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