
*किशोरी को जलाकर मौत के घाट उतारने में दो आरोपी दोषी करार* *छह साल पहले आग के हवाले कर किशोरी की हत्या करने का मामला*
*किशोरी को जलाकर मौत के घाट उतारने में दो आरोपी दोषी करार*
*छह साल पहले आग के हवाले कर किशोरी की हत्या करने का मामला*
*रिपोर्ट-अंकुश यादव*
———————————–
सुल्तानपुर। पुरानी रंजिश में सोलह साल की किशोरी को जलाकर मार डालने के आरोप से जुड़े छह साल पुराने मामले में एफटीसी द्वितीय स्वतंत्र प्रकाश की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में आरोपी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन को हत्या सहित अन्य धाराओ में दोषी करार दिया है,जिनकी सजा पर सुनवाई के लिए अदालत ने 17 सितंबर की तारीख तय किया है। वहीं मामले से जुड़े सह आरोपी जगबरन व महन्थ चौहान की पत्रावली अभी लम्बित चल रही है।
बल्दीराय थाने के टड़रसा ऐंजर गांव निवासी प्रदीप सिंह की पड़ोस के गांव परसौली निवासी जगबरन यादव से रंजिश चल रही थी। आरोप के मुताबिक 21 सितंबर साल 2020 की सुबह प्रदीप सिंह की बेटी श्रद्धा सिंह घर के सामने लगे हैंडपंप पर पानी भर रही थी,तभी आरोपी जगबरन यादव के बुलाने पर स्थानीय थाने के परसौली मजरे ऐंजर निवासी जयकरन, सुभाष सिंह और महंथ ने श्रद्धा सिंह के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। वादी पक्ष के मुताबिक आरोपियो ने श्रद्धा के हाथ व पैर बांधकर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया था,जिसकी चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग वहां पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए थे,मौजूद लोग किसी तरह से आग पर काबू पा सके थे। आग से झुलसी श्रद्धा को लेकर सीएचसी धनपतगंज पहुंचे, प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया,जहाँ इलाज के दौरान श्रद्धा की मौत हो गई। मामले में मृतका की माँ अर्चना देवी की तहरीर पर आरोपियो के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। केस का ट्रायल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय स्वतंत्र प्रकाश की अदालत में चला। मामले में आरोपी सुभाष चौहान व जयकरन के खिलाफ चल रहा ट्रायल पूरा हो गया,जिन्हें अदालत ने बुधवार को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।
*जेल गए आरोपियो को नहीं मिल सकी जमानत*
—————-
श्रद्धा हत्याकांड में आरोपी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन को घटना के बाद जेल भेजने की कार्रवाई की गई थी। फिलहाल अपराध की गंभीरता की वजह से अदालत ने उन्हें जमानत देना जायज नहीं समझा,नतीजतन उन्हें घटना के बाद से ही उन्हें अपनी जिंदगी जेल में ही गुजारनी पड़ रही है और इधर मुकदमे का ट्रायल भी उनके खिलाफ पूरा हो गया।
*जगबरन के खिलाफ प्रचलित कार्यवाही पर हाईकोर्ट से लगी है रोक,महंथ चौहान की पत्रावली चल रही पृथक*
—————-
हत्याकांड से जुड़ा आरोपी महंथ चौहान लंबे समय से फरार चल रहा था,जिसकी वजह से केस का ट्रायल बाधित रहा। गिरफ्तारी से बचने एवं मुकदमे की कार्रवाई को रोकने के लिए महंथ ने हाईकोर्ट का भी सहारा लिया था,फिलहाल उसे राहत नहीं मिल सकी थी। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी महंथ के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट एवं कुर्की का आदेश जारी किया था। कुछ दिनों पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के कार्य किया,जिसकी पत्रावली पृथक कर ट्रायल जारी रखा गया है। वहीं सह आरोपी जगबरन की पत्रावली में हाईकोर्ट के आदेश पर कार्यवाही स्थगित है,जिसकी वजह से ट्रायल की कार्यवाही थमी हुई है।
*अभियोजन पक्ष ने पेश किए 12 गवाह*
—————
किशोरी की हत्या के मामले में अभियोजन पक्ष से कुल 22 गवाहों का नाम सूची में शामिल किया गया था। शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह ने कुल 12 गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया,जिनकी गवाही कारगर साबित हुई और उनकी गवाही के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित पाते हुए कोर्ट ने अभियुक्त सुभाष सिंह चौहान व जयकरन को दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर फैसले के लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया। कोर्ट मुहर्रिर राम सहाय यादव ने भी मामले में सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ट्रायल में सहयोग किया।

