
‘NEET को ही पूरी तरह खत्म कर दो’, CJP प्रदर्शन के बीच विजय थलापति की बड़ी मांग, राहुल गांधी के प्रोटेस्ट पर क्या कहा?
नई दिल्ली में NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी CJP (Cockroach Janta Party) के आंदोलन के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता-राजनेता विजय थलापति (सी. जोसेफ विजय) का बड़ा बयान सामने आया है। विजय ने एक बार फिर स्पष्ट शब्दों में कहा कि NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए, क्योंकि यह ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के साथ न्याय नहीं करती। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए और मेडिकल प्रवेश की व्यवस्था राज्यों के अनुसार तय होनी चाहिए।
विजय का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। CJP ने विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की थी, जिसके बाद विपक्ष के कई नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इसी बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने संसद सत्र के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया तथा सरकार से NEET विवाद पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की।
विजय ने सीधे तौर पर राहुल गांधी के प्रदर्शन पर अलग से कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की, लेकिन छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी पहले भी NEET समाप्त करने की मांग करती रही है और आगे भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।
उधर केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह NEET मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है।

