
Delhi News: दिल्ली में 3 करोड़ के प्रॉपर्टी लोन फ्रॉड का खुलासा, EOW ने मास्टरमाइंड को पकड़ा
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने करीब 3 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी लोन फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए इस पूरे गिरोह के कथित मास्टरमाइंड मनीष कुमार को पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फर्जी दस्तावेज, शेल कंपनियों और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) से करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी लोन हासिल करने की साजिश रची थी।
जांच के मुताबिक, आरोपी पेशे से फाइनेंसर और लोन फैसिलिटेटर था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संपत्ति से जुड़े जाली स्वामित्व दस्तावेज तैयार किए और फर्जी सह-आवेदक तथा पहचान का इस्तेमाल करते हुए लगभग 3 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। यह पूरा लेनदेन बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया ताकि वित्तीय संस्था को धोखे में रखा जा सके।
पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रभावित वित्तीय कंपनी ने लोन से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं देखीं। जांच के दौरान पता चला कि कई दस्तावेज फर्जी थे और संपत्ति से संबंधित जानकारी में भी हेरफेर किया गया था। इसके बाद मामला EOW को सौंपा गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
EOW की टीम ने लंबी जांच के बाद लक्ष्मी नगर स्थित आरोपी के कार्यालय पर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पहचान बदलने और लोन प्रक्रिया को प्रभावित करने में कई अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है।
पुलिस अब बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और शेल कंपनियों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि कहां-कहां भेजी गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरीके से अन्य वित्तीय संस्थानों को भी निशाना बनाया गया था।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों पर सख्त नजर रखी जा रही है और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों और वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन पूरी सावधानी से करें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

