Commonwealth Games: पुंछ ब्लास्ट में गंवाया पैर, अब भारत के लिए मेडल जीतने उतरे सूबेदार सोमन राणा की प्रेरक कहानी

Commonwealth Games: पुंछ ब्लास्ट में गंवाया पैर, अब भारत के लिए मेडल जीतने उतरे सूबेदार सोमन राणा की प्रेरक कहानी

भारतीय सेना के जांबाज सूबेदार सोमन राणा की कहानी साहस, संघर्ष और हौसले की मिसाल है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए एक विस्फोट में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया था, लेकिन इस हादसे ने उनके इरादों को कमजोर नहीं किया। कृत्रिम पैर के सहारे उन्होंने खेल में वापसी की और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने का सपना साकार करने की तैयारी में हैं।

गंभीर चोट के बाद जहां अधिकांश लोगों के लिए सामान्य जीवन में लौटना भी मुश्किल होता है, वहीं सोमन राणा ने कठिन मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के दम पर पैरा खेलों में अपनी पहचान बनाई। लगातार अभ्यास और शानदार प्रदर्शन के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की और अब देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।

सूबेदार सोमन राणा की यात्रा केवल एक खिलाड़ी की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों से जूझ रहा है। उनका संघर्ष और जज्बा यह साबित करता है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। अब देश को उनसे कॉमनवेल्थ गेम्स में एक और ऐतिहासिक पदक की उम्मीद है।

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