
NEET आंदोलन पर विपक्ष में ‘क्रेडिट वॉर’! स्टालिन बोले- सबसे पहले हमने उठाई थी परीक्षा घोटाले की आवाज
दिल्ली में NEET पेपर लीक और छात्रों के समर्थन में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी दलों के बीच अब इस मुद्दे का श्रेय लेने की होड़ भी तेज हो गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने दावा किया कि NEET और इससे जुड़े मुद्दों को सबसे पहले उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। उन्होंने कहा कि लगातार विरोध और आवाज उठाने के बाद ही यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना।
स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार और पार्टी लंबे समय से NEET परीक्षा का विरोध करती रही है और इसे छात्रों के हितों के खिलाफ बताती रही है। उनके मुताबिक, तमिलनाडु ने शुरुआत से ही इस परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और अब अन्य विपक्षी दल भी उसी मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
इस बीच दिल्ली में छात्रों का आंदोलन जारी है और विभिन्न विपक्षी दल प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में स्टालिन के बयान ने विपक्षी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है कि NEET के खिलाफ सबसे पहले आवाज किसने उठाई और छात्रों के मुद्दे पर किसकी भूमिका सबसे अहम रही।

