
सोनम वांगचुक केस: कोर्ट में क्या-क्या दलीलें दी गईं? जानिए किन आधारों पर मेदांता शिफ्ट करने की मिली मंजूरी
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि लंबे समय से अनशन के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है और उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की तत्काल आवश्यकता है। वहीं, प्रशासन ने अदालत को सुरक्षा व्यवस्था और अब तक उपलब्ध कराए जा रहे इलाज की जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टरों की राय और स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों पर विस्तार से विचार किया। न्यायालय ने माना कि मरीज के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी आधार पर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की अनुमति दी गई, ताकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज मिल सके।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि उपचार के दौरान सभी आवश्यक चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन किया जाए और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। अब मामले की अगली सुनवाई और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में सुधार को लेकर सभी की नजर बनी हुई है।

