
मध्य प्रदेश में UCC और आदिवासी समुदाय: 21% आबादी के बावजूद क्यों मिली अलग व्यवस्था? जानें वजह
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चर्चा के बीच आदिवासी समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखने का मुद्दा फिर सुर्खियों में है। राज्य में आदिवासी आबादी करीब 21 प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम आबादी करीब 7 प्रतिशत के आसपास है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आदिवासियों के लिए अलग प्रावधान क्यों रखा गया।
आदिवासी समुदायों की अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, रीति-रिवाज और प्रथाएं हैं। संविधान में भी अनुसूचित जनजातियों की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसी वजह से UCC से जुड़े मामलों में आदिवासी रीति-रिवाजों को लेकर अलग से विचार किया जाता है।
UCC का उद्देश्य देश में व्यक्तिगत कानूनों में समानता लाना है, लेकिन इसे लागू करते समय विभिन्न समुदायों की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखने की बात कही जाती है। मध्य प्रदेश में आदिवासियों को लेकर छूट या अलग व्यवस्था इसी संवैधानिक और सांस्कृतिक पहलू से जुड़ी मानी जा रही है।

