
बिहार मानसून सत्र: विपक्ष ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, RJD बोली- ‘सरकार बहरी हो जाए तो…’
पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर जोरदार हमला बोला। विपक्षी दलों ने शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के मुद्दों और कथित अनियमितताओं को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान सदन के बाहर और अंदर जमकर नारेबाजी भी देखने को मिली।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सरकार जनता और छात्रों की आवाज सुनना बंद कर देती है, तब विपक्ष को सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठानी पड़ती है।
RJD का सरकार पर हमला
RJD नेताओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
RJD की ओर से कहा गया कि “जब सरकार बहरी हो जाए तो जनता की आवाज को बुलंद करना विपक्ष का कर्तव्य है।”
विपक्ष ने उठाए छात्रों के मुद्दे
मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विपक्ष का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाबदेही दिखानी चाहिए।
सदन में हंगामे के आसार
बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति में है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय किए बिना समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
फिलहाल बिहार विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के संकेत दे रहा है। आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बहस और तेज होने की संभावना है।

