मुर्गियों की महंगी डाइट ने बढ़ाए अंडों के दाम, चिकन के भाव में भी तेजी! जानिए क्यों बढ़ रही कीमत

मुर्गियों की महंगी डाइट ने बढ़ाए अंडों के दाम, चिकन के भाव में भी तेजी! जानिए क्यों बढ़ रही कीमत

देश के कई हिस्सों में अंडे और चिकन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पोल्ट्री कारोबारियों के अनुसार, मुर्गियों के दाने (फीड) की बढ़ती कीमत, उत्पादन लागत में इजाफा और मौसम का असर इसकी बड़ी वजह बनकर सामने आया है। मुर्गियों को दिए जाने वाले आहार में इस्तेमाल होने वाले मक्का, सोयाबीन और अन्य पोषक तत्वों की कीमत बढ़ने से पोल्ट्री फार्म संचालकों का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर अंडे और चिकन के बाजार भाव पर पड़ रहा है।

पोल्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि मुर्गियों की अच्छी ग्रोथ और अंडा उत्पादन के लिए संतुलित डाइट जरूरी होती है। लेकिन पिछले कुछ समय में फीड की लागत बढ़ने से किसानों और पोल्ट्री व्यवसायियों के लिए उत्पादन महंगा हो गया है। इसके अलावा गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण कई जगहों पर मुर्गियों की उत्पादन क्षमता भी प्रभावित हुई है। इन कारणों से बाजार में अंडों की सप्लाई और कीमतों पर असर देखने को मिल रहा है। चिकन के दाम बढ़ने के पीछे भी यही बढ़ी हुई लागत और मांग-सप्लाई का अंतर बताया जा रहा है।

पोल्ट्री कारोबारियों के मुताबिक, अगर मुर्गी दाने की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती है तो आने वाले समय में अंडे और चिकन के भाव ऊंचे बने रह सकते हैं। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव स्थानीय बाजार, मांग और सप्लाई की स्थिति पर भी निर्भर करता है। त्योहारों, शादी के सीजन और बढ़ती मांग के दौरान चिकन की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। जो लोग नियमित रूप से अंडे और चिकन का इस्तेमाल करते हैं, उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। वहीं, पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उतना लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि बाजार में कीमतों का नियंत्रण कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पोल्ट्री सेक्टर में स्थिरता के लिए फीड की कीमतों को नियंत्रित करना और उत्पादन लागत कम करना जरूरी है। आने वाले दिनों में मक्का, सोयाबीन और पोल्ट्री फीड की कीमतों में बदलाव के आधार पर अंडे और चिकन के बाजार भाव की दिशा तय होगी।

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