
15 साल बाद यूपी में बढ़ सकता है हाउस टैक्स, लखनऊ समेत नगर निगमों की दरों में बदलाव की तैयारी
उत्तर प्रदेश में करीब 15 साल बाद हाउस टैक्स की दरों में संशोधन की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार और नगर विकास विभाग नगर निगमों की पुरानी कर व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं, जिसके तहत लखनऊ समेत कई नगर निगमों में संपत्ति कर (हाउस टैक्स) की नई दरें लागू की जा सकती हैं। मौजूदा दरें लंबे समय से अपरिवर्तित हैं, जबकि शहरों का विस्तार, बुनियादी सुविधाओं की लागत और विकास कार्यों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है।
प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य नगर निगमों की आय बढ़ाना और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। यदि नई दरें लागू होती हैं, तो अलग-अलग श्रेणी की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों पर टैक्स का निर्धारण नए मानकों के आधार पर किया जा सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि अंतिम फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा, ताकि आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
फिलहाल इस प्रस्ताव पर मंथन जारी है और संबंधित विभागों से सुझाव लिए जा रहे हैं। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नई टैक्स दरों की अधिसूचना जारी की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टैक्स संरचना में बदलाव होता है, तो नगर निगमों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और सड़क, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।

