
लाडकी बहिन योजना पर CAG की सख्त टिप्पणी, ₹3,541 करोड़ के अतिरिक्त खर्च पर महाराष्ट्र सरकार सवालों के घेरे में
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है। वर्ष 2024-25 के ऑडिट में पाया गया कि योजना पर स्वीकृत बजट से ₹3,541.16 करोड़ अधिक खर्च किया गया, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग इस अतिरिक्त व्यय का कोई स्पष्ट औचित्य प्रस्तुत नहीं कर सका। रिपोर्ट में बजट अनुमान, व्यय नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण कमियों का भी उल्लेख किया गया है।
CAG ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान ₹15,586 करोड़ वर्चुअल पर्सनल डिपॉजिट (VPD) खातों में स्थानांतरित किए गए, जबकि तत्काल इन राशि के उपयोग की आवश्यकता नहीं थी। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह धनराशि को जमा खातों में रखना बजटीय अनुशासन, वित्तीय पारदर्शिता और विधायी नियंत्रण के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। रिपोर्ट में सरकार को भविष्य में लाभार्थियों की संख्या और फंड की आवश्यकता का यथार्थ आकलन कर बजट तैयार करने की सलाह दी गई है।
लाडकी बहिन योजना जून 2024 में शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। CAG की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होने के बाद विपक्ष ने सरकार को वित्तीय कुप्रबंधन के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है। वहीं, सरकार की ओर से रिपोर्ट के निष्कर्षों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

