
बहरीन, कुवैत और जॉर्डन तक गूंजा धमाकों का असर! ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा हमला, ट्रंप को दिया करारा जवाब
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों की गूंज बहरीन, कुवैत और जॉर्डन समेत कई खाड़ी देशों तक महसूस की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र की निगरानी और सख्त कर दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने इन हमलों को अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया है। हमले के बाद कई स्थानों पर सायरन बजने लगे और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। वहीं, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि उनके खिलाफ आगे कोई सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका जवाब और अधिक सख्ती से दिया जाएगा।
बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने एहतियात के तौर पर अपने उड़ान मार्गों में बदलाव किया है, जबकि वैश्विक बाजारों में भी इस तनाव का असर देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया और निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़ता टकराव क्षेत्रीय संघर्ष को और गंभीर रूप दे सकता है।

