74 वर्षीय लावारिस नूरा मैसी को मिला सहारा, बजरंग सेवा के प्रयास से मिला सुरक्षित आश्रय

74 वर्षीय लावारिस नूरा मैसी को मिला सहारा, बजरंग सेवा के प्रयास से मिला सुरक्षित आश्रय

74 वर्षीय नूरा मैसी, जो बीमार और लावारिस अवस्था में लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में भर्ती थीं, उन्हें मानवीय प्रयासों के बाद सुरक्षित आश्रय मिल गया। बताया गया कि नूरा मैसी कई वर्षों तक एक परिवार के यहां घरेलू कामकाज कर अपना जीवनयापन करती रहीं, लेकिन बीमार पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर छोड़ दिया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क किया, जिसके बाद उनके लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था करने की पहल शुरू हुई।

सामाजिक कार्यकर्ता दीपक महाजन ने बताया कि पहले उन्हें वृद्धाश्रम ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद उन्हें सप्रू मार्ग स्थित प्रेम भवन (Missionaries of Charity) में शिफ्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से पत्र जारी होने के बाद नूरा मैसी को वहां आश्रय मिल सका। इस दौरान अस्पताल प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

दीपक महाजन ने कहा कि समाज में ऐसे कई बुजुर्ग हैं जिनका कोई सहारा नहीं होता और समय पर मदद मिलना उनके लिए जीवन बदलने जैसा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई बुजुर्ग, बीमार या असहाय व्यक्ति बेसहारा दिखाई दे तो उसकी जानकारी संबंधित प्रशासन या सामाजिक संस्थाओं को दें, ताकि समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। यह घटना एक बार फिर समाज में मानवता, संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)