
राजकोट अतिक्रमण अभियान का बिल चर्चा में: 3 दिन में 21 हजार कप चाय और हजारों बोतल नींबू पानी का दावा
गुजरात के राजकोट में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान कर्मचारियों के खानपान पर हुए खर्च का बिल चर्चा का विषय बन गया है। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, तीन दिनों के अभियान में करीब 21,000 कप चाय, 4,000 बोतल नींबू पानी, साथ ही काजू, खजूर और अन्य खाद्य सामग्री की आपूर्ति का दावा किया गया है। इस बड़े खर्च को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
मामला सामने आने के बाद विपक्ष और स्थानीय लोगों ने खर्च की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतने कम समय में इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री की खपत असामान्य लगती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि अभियान में बड़ी संख्या में कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ तैनात थे, इसलिए वास्तविक खर्च की जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग ने पूरे बिल और खर्च का सत्यापन शुरू कर दिया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सभी दावे सही हैं या नहीं। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

