
सैटेलाइट टोल सिस्टम से बदलेगा हाईवे का सफर, 60% तक सस्ता होगा टोल!
देश में हाईवे यात्रा को तेज, आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में सैटेलाइट आधारित टोल सिस्टम लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस नई तकनीक के जरिए वाहनों से तय की गई दूरी के आधार पर टोल शुल्क लिया जाएगा, जिससे कई मामलों में टोल खर्च में 60 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना जताई जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम करना और टोल वसूली को अधिक पारदर्शी बनाना है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। वाहन करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे और सैटेलाइट तकनीक के जरिए तय दूरी के अनुसार अपने आप टोल कट जाएगा। इससे यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी।
सरकार का मानना है कि सैटेलाइट आधारित टोल प्रणाली से हाईवे यात्रा अधिक स्मार्ट और सुविधाजनक बनेगी। हालांकि इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक तकनीकी ढांचे तथा नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नई प्रणाली लागू होने के बाद देश के राजमार्गों पर सफर पहले की तुलना में अधिक तेज़, सुगम और डिजिटल हो जाएगा।

