*कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं व पुलिस के बीच नोकझोंक, पुलिस पर अधिवक्ता के भाई को फर्जी तरीके से फंसाने व अधिवक्ता से बदसलूकी का आरोप*

*कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं व पुलिस के बीच नोकझोंक, पुलिस पर अधिवक्ता के भाई को फर्जी तरीके से फंसाने व अधिवक्ता से बदसलूकी का आरोप*

*गैस एजेंसी कर्मी से छिनैती में रिमांड पेश करने के दौरान कोर्ट में हुआ बवाल,एसआई राकेश ओझा व अन्य पुलिस कर्मियों का गलत व्यवहार बनी विवाद की वजह। कोर्ट ने दोनों आरोपियो को भेजा जेल*

*आरोपी सत्येंद्र सिंह घटना में रहा शामिल तो क्यों नहीं किया गया नामजद,आरोपी सत्येंद्र सिंह व डिलेवरी मैन हरिओम यादव एक ही गांव के है निवासी,फिर भी अज्ञात में एफआईआर,बाद में प्रकाश में नाम,संदेहों से घिरा पुलिस का खुलासा*

*पुलिस की कार्यशैली के विरोध में अधिवक्ताओं ने काटा बवाल। जिला जज सुनील कुमार एवं बार अध्यक्ष व महासचिव को करना पड़ा हस्ताक्षेप*

सुल्तानपुर। धम्मौर थाने के महेश्वरगंज नहर पुल के निकट गैस एजेंसी कर्मी से एक दिन पूर्व हुई 9100 रुपए नगदी की छिनैती के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। प्रभारी मजिस्ट्रेट भव्या श्रीवास्तव की अदालत में अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह के भाई को सत्येंद्र सिंह को गलत तरीके से कोर्ट में पेश करने का आरोप पुलिस पर लगाते हुए कई अधिवक्ता पुलिस की कार्यशैली पर विरोध करने लगे,धीरे-धीरे बवाल मच गया। इस बीच अधिवक्ताओं व पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ने पर जिला जज सुनील कुमार एवं बार अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह व महासचिव दिनेश कुमार दूबे भी मौके पर पहुँच गए और उनके हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरीके से शांत हुआ। जिसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई पूरी किया और अदालत ने अधिवक्ता के भाई सत्येंद्र सिंह व सहआरोपी विशद मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर के पयागीपुर स्थित प्रत्युषा इंडेन गैस सर्विस के संचालक विवेक तिवारी निवासी लोहरामऊ- कोतवाली देहात ने मंगलवार को दिन में समय करीब 3:30 बजे की घटना बताते हुए धम्मौर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उनके आरोप के मुताबिक वह अपने एजेंसी के टाटा मैजिक से सिलेंडर की डिलीवरी करने धम्मौर थाने के उघरपुर निवासी डिलेवरी मैन हरिओम यादव के साथ लौहर पश्चिम जा रहे थे,इसी दौरान महेश्वरगंज पुलिया के 500 मीटर आगे लौहर पश्चिम की तरफ बाइक सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे सिलेंडर का पैसा ज्यादा लेने की बात कहते हुए 9100 रुपए छीन लिया और लौहर पश्चिम की तरफ भाग गए। वादी के मुताबिक उन्होंने घटना की सूचना डायल 112 पर दिया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। वादी की सूचना पर मामले में दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और कुड़वार थाने के दाउदपुर वैदोलिया-उत्तरगांव निवासी विशद मिश्रा एवं धम्मौर थाने के उघरपुर निवासी सत्येंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर सुनवाई के दौरान आरोपी सत्येंद्र सिंह के अधिवक्ता ने उन्हें बेकसूर बताते हुए कोई क्रिमिनल हिस्ट्री न होने व गलत तरीके से मुकदमे में फंसाने एवं जानकारी लेने के लिए थाने गए सत्येंद्र सिंह के अधिवक्ता भाई के साथ बदसलूकी करने का तर्क पेश किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सत्येंद्र सिंह को व उनकी टीवीएस मोटरसाइकिल को मंगलवार की शाम घर से ले जाकर मुकदमे में गलत तरीके से नाम लाने का आरोप लगाया,जिसका वीडियो भी कोर्ट के सामने पेश किया। बचाव पक्ष के मुताबिक डिलेवरी मैन हरिओम यादव उनके गांव के ही है,छिनैती की घटना में सत्येंद्र सिंह शामिल नहीं था,जिसकी वजह से उसे नामजद नहीं किया गया है।मामले में एसआई राकेश कुमार ओझा के जरिए थाने में अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह से बदसलूकी करने और उन्हीं के व्यवहार की वजह से कोर्ट में विवाद बढ़ने की बात सामने आई। अधिवक्ता के साथ हुई बदसलूकी की सूचना से नाराज अधिवक्ताओं ने रिमांड पर सुनवाई के दौरान जमकर बवाल काटा। जिसके बाद जिला जज एवं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष-महासचिव व पुलिस अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। बचाव पक्ष के मुताबिक सत्येंद्र सिंह की घटना में कोई संलिप्तता नहीं थी,बावजूद इसके आरोपी विशद मिश्रा का नाम प्रकाश में लाकर गलत तरीके से सत्येंद्र सिंह की मोटरसाइकिल व उन्हें घटना से जोड़कर फंसा दिया गया। मामले में अधिवक्ता के भाई सत्येंद्र सिंह व दूसरे आरोपी को जेल भेजा गया है। जेल भेजे गए आरोपी विशद मिश्र की आधा दर्जन पूर्व की क्रिमिनल हिस्ट्री सामने आई है,जबकि सत्येंद्र सिंह का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)