
दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, 2 दिन वर्क फ्रॉम होम और ‘नो व्हीकल डे’ जैसे अहम फैसले
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए रेखा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी की हवा लगातार खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद सरकार ने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने, सरकारी और निजी संस्थानों में ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा देने तथा ‘नो व्हीकल डे’ जैसे अहम फैसलों की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
सरकार की नई नीति के तहत विभागों और कंपनियों को सलाह दी गई है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए। इसके अलावा छोटे-बड़े सरकारी कार्यक्रमों और ऑफिस मीटिंग्स को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है। वहीं ‘नो व्हीकल डे’ के दौरान लोगों से निजी वाहन का इस्तेमाल न करने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की जाएगी। सरकार इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवाओं को भी अधिक मजबूत बनाने की तैयारी में जुटी है, ताकि लोगों को वैकल्पिक यात्रा सुविधा आसानी से मिल सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे में सरकार के ये फैसले राहत देने वाले माने जा रहे हैं। हालांकि कुछ व्यापारिक संगठनों और कर्मचारियों ने वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार के ये कदम जमीन पर कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्या इससे दिल्ली की हवा वास्तव में साफ हो पाएगी।

