
नई लैंड पॉलिसी से बिहार में निवेश की राह आसान, जमीन खरीदने से फैक्ट्री लगाने तक बदलेंगे नियम
बिहार में नई लैंड पॉलिसी को औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य निवेशकों के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को जमीन के लिए लंबे समय तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। BIADA की वेबसाइट पर “BIADA Land Allotment & Management Policy, 2026” और ऑनलाइन land/shed application जैसी सुविधाएं दिखाई गई हैं, जिससे जमीन और शेड आवंटन की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाने पर जोर दिखता है।
नई व्यवस्था से बिहार में फैक्ट्री लगाने की राह पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। अगर निवेशकों को तय नियमों के तहत समय पर जमीन, प्लग-एंड-प्ले शेड और जरूरी सुविधाएं मिलती हैं, तो टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों को बढ़ावा मिल सकता है। हाल ही में BIADA ने 19 नई औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी है, जिसे निवेश और रोजगार बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
इस नीति का सबसे बड़ा असर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है। उद्योग लगने से युवाओं को अपने ही राज्य में नौकरी के अवसर मिलेंगे और छोटे कारोबारियों को भी सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, सर्विस और लोकल बिजनेस से फायदा हो सकता है। सरकार का फोकस अगर जमीन आवंटन, बुनियादी ढांचे और निवेशकों की सुविधा पर बना रहता है, तो बिहार की औद्योगिक तस्वीर आने वाले समय में तेजी से बदल सकती है

