
Apara Ekadashi 2026: पांडवों ने क्यों रखा था यह व्रत? जानिए चौंकाने वाला रहस्य
Apara Ekadashi का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, Pandavas ने भी इस एकादशी का व्रत रखा था। कहा जाता है कि महाभारत काल में युद्ध और विभिन्न घटनाओं के दौरान पांडवों से कई ऐसे कर्म हो गए थे, जिनका प्रायश्चित आवश्यक था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अपरा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी, जिससे वे अपने पापों से मुक्त हो सकें और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्राप्त हो।
मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से न केवल पांडवों को अपने कष्टों से राहत मिली, बल्कि उन्हें धर्म और विजय का मार्ग भी मिला। यही कारण है कि आज भी श्रद्धालु इस व्रत को पूरे विधि-विधान से रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। अपरा एकादशी को ‘अपराजिता एकादशी’ भी कहा जाता है, जो व्यक्ति को नकारात्मक शक्तियों से बचाकर जीवन में सफलता और समृद्धि प्रदान करने का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए इस दिन व्रत, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है, जिसे अपनाकर लोग अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

