
अधिवक्ताओ से जुड़े 15 मुद्दों को लेकर बायलाज में संशोधन था प्रस्तावित
सुलतानपुर। अधिवक्ताओं की कल्याण निधि व महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी एवं कार्यकाल का समय परिवर्तन समेत अन्य प्रमुख मुद्दों पर बायलाज में संशोधन को लेकर अधिवक्ता संघ की तरफ से बृहस्पतिवार के लिए साधारण सभा की बैठक बुलाई गई थी। फिलहाल संशोधन के प्रस्ताव से नाराज अधिवक्ता मीटिंग हाल में पहुँचे और बैठक पर आपत्ति जाहिर किया। इस दौरान प्रस्तावित संशोधन पर अधिवक्ताओं के अलग-अलग विचार होने की वजह से काफी हंगामा भी हुआ। बार अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अधिवक्ताओं की मांग व विरोध को देखते हुए प्रस्तावित संशोधन पर अधिवक्ताओं का विचार जानने के लिए होने वाली बैठक को रद्द करते हुए संशोधन के फैसले को वापस लेने की घोषणा कर दिया और सूचना भी चस्पा करा दिया,जिसके बाद अधिवक्ता शांत हुए। इस दौरान गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।
बृहस्पतिवार को दीवानी संघ भवन स्थित डॉ राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता सभागार में प्रस्तावित बायलॉज संशोधन पर अधिवक्ताओं का विचार व सुझाव जानने के लिए साधारण सभा की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में मुख्य रूप से अधिवक्ता संघ में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने,अधिवक्ताओं की कल्याण निधि धनराशि पांच लाख के बजाय छह लाख रुपए करने,75 वर्ष पूर्ण कर चुके अधिवक्ताओं को एक लाख रुपए की कल्याण निधि वापस किए जाने,गंभीर बीमारी से पीड़ित अधिवक्ताओं को प्रतिमाह बतौर पेंशन दो हजार रुपए देने,अधिवक्ताओं की पत्नी व अवयस्क बच्चों की गंभीर बीमारी व उनके इलाज के लिए एक लाख रुपए की कल्याण निधि दिए जाने,बार एसोसिएशन का कार्यकाल पहली जनवरी से 31 दिसंबर तक किए जाने व बढ़े कार्यकाल के दौरान कार्यभार एल्डर कमेटी के नियंत्रण में दिए जाने, एडवाइजरी कमेटी व एडवाइजरी बोर्ड के स्थान पर तीन सदस्यो की ऑडिट कमेटी के गठन किए जाने समेत 15 प्रमुख मुद्दों पर संशोधन का प्रस्ताव रखा गया था। जिस पर बार अध्यक्ष ने दो दिन पूर्व अधिवक्ताओं से लिखित आपत्ति भी आमंत्रित किया था। गत मंगलवार को कई अधिवक्ताओं ने अपनी लिखित आपत्ति भी पेश किया था। आपत्ति पर कमेटी ने विचार-विमर्श करते हुए अधिवक्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित संशोधन में काफी बदलाव भी किया था और प्रस्तावित संशोधन की सूचना जारी कर अधिवक्ताओं से बैठक में विचार पेश करने के लिए कहा था,फिलहाल संशोधन पर अधिवक्ताओं के बीच विवाद की स्थिति होने की वजह से बैठक ही नहीं हो पाई,नतीजतन एक भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। फिलहाल संशोधन होने का प्रस्ताव वापस लिए जाने की घोषणा होने से विरोध में उतरे अधिवक्ता अपनी सफलता पर काफी खुश दिखे। बार की तरफ से प्रस्ताव जारी होने की वजह से दिनभर न्यायिक कामकाज प्रभावित रहा।

