‘म्यूजिक डायरेक्टर पॉपकॉर्न खाने लगे’: एआर रहमान के कम्युनल बयान पर ममता कुलकर्णी की दो टूक, बॉलीवुड की पोल खोली

‘म्यूजिक डायरेक्टर पॉपकॉर्न खाने लगे’: एआर रहमान के कम्युनल बयान पर ममता कुलकर्णी की दो टूक, बॉलीवुड की पोल खोली

मशहूर म्यूजिक कंपोजर ए.आर. रहमान इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं. उनके बयान पर राजनीति से लेकर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री तक में बहस छिड़ी हुई है. अब इस मामले पर पूर्व अभिनेत्री और साध्वी ममता कुलकर्णी ने भी अपनी राय रखी है. ममता कुलकर्णी काएआर रहमान के बयान पर कहना है कि हर दौर की अपनी एक उम्र होती है और आज की युवा पीढ़ी में पहले जैसा सब्र नहीं रहा. उन्होंने कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री भी बदल गई है. उनके शब्दों में, ‘अब संगीत भी युवाओं जैसा हो गया है. पहले लोग मिलकर काम करते थे. अब हालात ऐसे हैं कि म्यूजिक डायरेक्टर भी पॉपकॉर्न खाने लगे हैं. एआर. रहमान को खुश होना चाहिए कि मैं खुद आकर काम क्यों करूं और कौन सा गाना गाऊं.’ ममता ने शेयर किया किस्सा ममता ने दुबई से जुड़ा एक किस्सा भी शेयर किया. उन्होंने बताया कि जब वह वहां ध्यान कर रही थीं, तब उन्होंने फिल्में देखना ही छोड़ दिया था. उस दौरान एक क्रिश्चियन महिला ने उनसे फिल्म ‘कमीने’ का जिक्र किया. इस पर ममता ने कहा था कि जब फिल्म का नाम ही ऐसा है, तो गाने कैसे होंगे. उन्होंने कहा कि अब वह पूरी तरह आध्यात्मिक जीवन जी रही हैं और पहले जैसी नहीं रहीं. गौरतलब है कि ममता कुलकर्णी 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक रही हैं और उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ काम किया है. आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने बॉलीवुड में धर्म के नाम पर होने वाले भेदभाव पर भी नाराजगी जताई. ममता ने कहा, ‘मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मैंने 90 के दशक में काम किया. उस वक्त हम सब एक थे. आमिर खान जैसे कलाकार मेरे घर आकर बैठते थे. कभी किसी ने धर्म नहीं देखा. आज लोग कहते हैं कि फलां मुस्लिम है या फलां हिंदू. ये सब बंद होना चाहिए. कलाकार सिर्फ कलाकार होता है, उसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.’ बता दें कि इससे पहले सिंगर शान, शंकर महादेवन और अनूप जलोटा भी इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं. शान का कहना है कि उन्हें भी कई सालों तक काम नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इसे कभी निजी तौर पर नहीं लिया.

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)