
ओडिशा में बाढ़ का कहर, 1.4 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए; 74 गांव ‘सुनामी रेडी’ घोषित
ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ के बीच राहत-बचाव अभियान जारी है। राज्य सरकार के मुताबिक पिछले चार दिनों में निचले और प्रभावित इलाकों से करीब 1.4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उत्तरी जिलों बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को राहत, बचाव, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इसी बीच ओडिशा के 74 और तटीय गांवों को UNESCO-IOC के ‘Tsunami Ready’ कार्यक्रम के तहत मान्यता दी गई है। इसके साथ राज्य में ऐसे गांवों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। इन गांवों का क्षेत्रीय सत्यापन बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, पुरी और जगतसिंहपुर समेत तटीय जिलों में किया गया था। ओडिशा ने कुल 381 तटीय गांवों और बस्तियों को सुनामी के लिहाज से तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
‘Tsunami Ready’ कार्यक्रम का उद्देश्य तटीय समुदायों की आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाना है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों, वैज्ञानिक संस्थानों, स्थानीय समुदायों और आपदा प्रबंधन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय, चेतावनी व्यवस्था, निकासी योजना और जागरूकता पर जोर दिया जाता है। ओडिशा की आपदा प्रबंधन व्यवस्था में पहले से ही सुनामी तैयारियों को लेकर विशेष प्रशिक्षण और सामुदायिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
बाढ़ की मौजूदा स्थिति के बीच राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ लगातार निगरानी बढ़ाई है। केंद्र सरकार ने भी ओडिशा के लिए SDRF की दूसरी किस्त के रूप में ₹500 करोड़ की अग्रिम सहायता मंजूर की है।

