TMC के नाम-चिन्ह फ्रीज करने के EC के फैसले को ममता ने SC में दी चुनौती, कपिल सिब्बल ने मांगी जल्द सुनवाई

TMC के नाम-चिन्ह फ्रीज करने के EC के फैसले को ममता ने SC में दी चुनौती, कपिल सिब्बल ने मांगी जल्द सुनवाई

 

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के नाम और उसके पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

कपिल सिब्बल ने EC के फैसले के समय पर उठाया सवाल

सुप्रीम कोर्ट में मामले का उल्लेख करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को उस समय फ्रीज किया, जब चुनाव प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की।

कोर्ट ने इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर बहस करने से परहेज किया। पीठ ने संकेत दिया कि जब मामला सुनवाई के लिए आएगा तो दूसरे पक्ष को भी अपनी दलील रखने का पूरा अवसर मिलेगा।

क्या है पूरा विवाद?

तृणमूल कांग्रेस के नाम, चुनाव चिन्ह और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों गुटों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया था।

आयोग ने कहा कि पार्टी के संगठन और नियंत्रण को लेकर विवाद का अंतिम निर्धारण अभी बाकी है। आगामी उपचुनावों को देखते हुए दोनों गुटों के लिए अंतरिम व्यवस्था की गई है।

दोनों गुटों को मिले अलग नाम और चिन्ह

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अस्थायी तौर पर ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया है।

वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। ये नाम और चिन्ह आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम व्यवस्था के तौर पर लागू किए गए हैं।

6 अक्टूबर को दो सीटों पर उपचुनाव

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला इसी चुनावी प्रक्रिया के बीच आया है, जिसके चलते पार्टी के पारंपरिक नाम और चिन्ह को लेकर विवाद और महत्वपूर्ण हो गया है।

अब सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?

ममता बनर्जी की याचिका में चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले को चुनौती दी गई है। सोमवार को कोर्ट ने जल्द सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति दी है। हालांकि, अभी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाने का कोई फैसला नहीं दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई में अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुन सकती है और चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल आयोग की अंतरिम व्यवस्था लागू है।

 

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