
अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कठोर कारावास, पाक्सो कोर्ट ने लगाया तेरह हजार रुपए का अर्थदंड
*अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कठोर कारावास*
*पाक्सो कोर्ट ने लगाया तेरह हजार रुपए का अर्थदंड*
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सुलतानपुर। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म से जुड़े आठ साल पुराने मामले में दो दिन पूर्व दोषी ठहराए अभियुक्त मित्रसेन उर्फ मोनू की सजा पर बुधवार को अपना फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक रमेशचंद्र सिंह ने बताया कि अदालत ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास व 13 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है।
गोसाईगंज थाने के एक गांव की रहने वाली किशोरी के परिजनों ने तीन मई साल 2018 को स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वादी के आरोप के मुताबिक उनकी पुत्री गोबर फेकने निकली थी,इसी दौरान स्थानीय थाने का आरोपी मित्रसेन उर्फ मोनू उसे बहलाकर अपहरण कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। मामले में आरोपी के खिलाफ अपहरण,दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोप की पुष्टी भी हुई,जिसके खिलाफ चार्जशीट पेश की गई। मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाक्सो एक्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। अदालत ने गत सोमवार को मामले में मित्रसेन को दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट सहित अन्य अपराध में दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। जिसे जेल से तलब कर अदालत ने बुधवार को उसकी सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया।

