दिव्यांग दंपतियों के लिए खुशखबरी, विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत मिलेगा 35 हजार रुपये तक अनुदान

दिव्यांग दंपतियों के लिए खुशखबरी, विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत मिलेगा 35 हजार रुपये तक अनुदान

लखनऊ। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग दंपतियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करना तथा उनके विवाह को लेकर परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

योजना के तहत यदि युवक दिव्यांग है और युवती सामान्य है, तो पात्र दंपति को 15 हजार रुपये की धनराशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वहीं यदि युवती दिव्यांग है और युवक सामान्य है, तो दंपति को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा यदि पति-पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो ऐसे दंपतियों को 35 हजार रुपये की धनराशि प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाएगी।

2026-27 और 2025-26 में हुए विवाह भी पात्र

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, लखनऊ की ओर से जारी सूचना के अनुसार, ऐसे दिव्यांगजन जिनका विवाह वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 अथवा पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपन्न हुआ है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन कराना होगा।

आवेदकों को शासन द्वारा संचालित जन सुविधा केंद्र/लोकवाणी केंद्र के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कराना होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन पत्र की हार्डकॉपी एक सप्ताह के भीतर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, लखनऊ के कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

क्या है पात्रता?

विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का लाभ लेने के लिए विभाग की ओर से कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। योजना के तहत विवाह के समय युवती की आयु 18 वर्ष से कम और 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि युवक की आयु 21 वर्ष से कम और 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए

इसके साथ ही दंपति में किसी को भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता का प्रमाण भी आवश्यक होगा। विभाग के अनुसार, आवेदक की दिव्यांगता का प्रमाण मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र में 40 प्रतिशत या उससे अधिक होना चाहिए।

आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को आवेदन के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इनमें पति-पत्नी का संयुक्त फोटो, आय प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंक में पति-पत्नी का संयुक्त खाता और पति-पत्नी के आधार कार्ड शामिल हैं।

दिव्यांगता प्रमाण-पत्र में दिव्यांगता का प्रतिशत 40 प्रतिशत या उससे अधिक होना आवश्यक है। बैंक खाते का विवरण भी सही होना चाहिए, ताकि स्वीकृत धनराशि पात्र लाभार्थी के खाते में भेजी जा सके।

एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी हार्डकॉपी

विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल ऑनलाइन आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद संबंधित आवेदन की हार्डकॉपी एक सप्ताह के अंदर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, लखनऊ के कार्यालय में जमा करानी होगी। निर्धारित समय में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

विभाग ने पात्र दिव्यांग दंपतियों से अपील की है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करते हुए समय से आवेदन करें और सभी जरूरी दस्तावेजों को सही तरीके से उपलब्ध कराएं।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की पहल

विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना को दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आर्थिक सहायता के माध्यम से सरकार का उद्देश्य दिव्यांग दंपतियों को विवाह के बाद शुरुआती जरूरतों में सहयोग उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शशांक सिंह की ओर से जारी सूचना में पात्र दिव्यांग दंपतियों से योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने का अनुरोध किया गया है।

विभागीय पोर्टल: divyangjan.upsdc.gov.in

नोट: आवेदन करने से पहले पात्रता और दस्तावेजों की नवीनतम स्थिति संबंधित जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय, लखनऊ से जरूर सत्यापित कर लें।

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