
उन्नाव में एक्सप्रेसवे मरम्मत का अनोखा तरीका! कच्चे पैच को सुखाने के लिए लगाए गए 10 पंखे, वीडियो वायरल
उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक्सप्रेसवे की मरम्मत के दौरान सड़क पर किए गए कच्चे पैचवर्क को सुखाने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि करीब 10 बड़े पंखे लगाए गए हैं। इस अनोखे तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स इसे “निंजा टेक्निक” बताकर मजाक उड़ा रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इसे सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने का मुद्दा बना लिया है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुए अभी लगभग 20 दिन ही हुए हैं, लेकिन इसके कई हिस्सों में सड़क धंसने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद संबंधित निर्माण एजेंसी ने मरम्मत कार्य शुरू किया। उन्नाव जिले के किलोमीटर संख्या-64 पर मरम्मत के दौरान बारिश की वजह से सड़क पर किए गए पैचवर्क को जल्दी सुखाने के लिए कंपनी ने थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कई पंखे लगा दिए।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क की सतह सूखने में समय लग रहा था। ऐसे में निर्माण कार्य में देरी न हो, इसके लिए कंपनी ने पंखों की मदद से नमी कम करने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए सरकार की आलोचना की। विपक्ष का आरोप है कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की मरम्मत की नौबत आना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
वहीं सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे तकनीकी मजबूरी बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर तंज कसने का जरिया बना रहे हैं।
फिलहाल संबंधित एजेंसी की ओर से पंखे लगाने के वायरल वीडियो पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि निर्माण कार्य जारी है और एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्सों की मरम्मत की जा रही है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता, निगरानी और रखरखाव को लेकर बहस छेड़ दी है।

