सोनम वांगचुक आज करेंगे 20 किमी पदयात्रा, लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राज्य के दर्जे की मांग

सोनम वांगचुक आज करेंगे 20 किमी पदयात्रा, लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राज्य के दर्जे की मांग

लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा उपायों और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज हो रहा है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 23 सितंबर को लेह में 20 किलोमीटर की प्रतीकात्मक पदयात्रा में शामिल होंगे। यह मार्च लद्दाख की संस्कृति, पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के साथ राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने जैसी मांगों को लेकर किया जा रहा है।

वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से इस पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। पहले यह यात्रा कारगिल से शुरू होकर लेह तक जाने वाली थी, लेकिन मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने के कारण इसे 20 किलोमीटर की प्रतीकात्मक यात्रा तक सीमित किया गया है।

24 सितंबर को मनाया जाएगा ‘शहीद दिवस’

पदयात्रा के अगले दिन यानी 24 सितंबर को ‘शहीद दिवस’ मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम पिछले साल लेह में प्रदर्शन के दौरान मारे गए चार लोगों की पहली बरसी के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। 24 सितंबर 2025 को राज्य के दर्जे और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में चार लोगों की मौत हुई थी।

वांगचुक ने इस मौके पर मारे गए लोगों को याद करते हुए कहा है कि लद्दाख के लोग लंबे समय से अपनी संस्कृति, पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

2025 की घटना पर न्यायिक जांच

24 सितंबर 2025 की घटना को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी.एस. चौहान की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का आदेश दिया था। जांच का दायरा हिंसा की परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई और चार लोगों की मौत के कारणों तक रखा गया था। जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक होने को लेकर फिलहाल कोई अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

मुआवजे को लेकर भी उठी मांग

लद्दाख प्रशासन ने 13 सितंबर 2026 को 2025 की हिंसा में मारे गए चार लोगों के परिवारों के लिए 15-15 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल 24 लोगों के लिए 3-3 लाख रुपये तथा मामूली रूप से घायल 20 लोगों के लिए 1-1 लाख रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी। प्रशासन के मुताबिक कुल वित्तीय पैकेज 1.52 करोड़ रुपये का है।

वहीं, वांगचुक और आंदोलन से जुड़े लोगों की ओर से मुआवजे की राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की मांग की जा रही है। यह उनकी मांग है, जबकि प्रशासन ने फिलहाल 15 लाख रुपये प्रति मृतक के परिवार को देने की घोषणा की है।

लद्दाख की मांगों पर फिर बढ़ा दबाव

20 किलोमीटर की यह पदयात्रा ऐसे समय हो रही है जब लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा, राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांगों को लेकर केंद्र और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का मुद्दा फिर चर्चा में है। वांगचुक ने कहा है कि इस यात्रा के जरिए लद्दाख के लोगों की मांगों और पिछले साल मारे गए लोगों की याद को देश तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

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