
शिवरात्रि पर हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे की रफ्तार पर लगा ब्रेक, रेंगते नजर आए वाहन; हाईवे पर बढ़ा ट्रैफिक दबाव
हरिद्वार। सावन शिवरात्रि के मौके पर धर्मनगरी हरिद्वार और ऋषिकेश की ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से सड़क यातायात पर बड़ा असर पड़ा है। हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर कई जगह वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई और सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण और शिवरात्रि के अवसर पर बढ़ी आवाजाही के कारण हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता नजर आया।
हाईवे पर बढ़ा वाहनों का दबाव
सावन शिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और आसपास के धार्मिक स्थलों पर पहुंच रहे हैं। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में डाक कांवड़ वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। इसके चलते प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात काफी ज्यादा रहा।
हरिद्वार में शंकराचार्य चौक समेत कई इलाकों में ट्रैफिक संभालना चुनौती बन गया। रिपोर्टों के अनुसार, डाक कांवड़ियों की बड़ी संख्या के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
रेंग-रेंगकर आगे बढ़े वाहन
हाईवे पर स्थिति ऐसी रही कि कई स्थानों पर वाहन सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ सके। कार, बस और अन्य वाहनों को धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ा। सड़क पर वाहनों की कतारें नजर आईं और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से ज्यादा समय लगने की स्थिति बनी।
हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों के लिए शिवरात्रि का दिन खास होने के साथ-साथ यातायात के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण रहा।
कांवड़ यात्रा का अंतिम चरण बना बड़ी वजह
हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे हैं और शिवरात्रि पर अपने-अपने क्षेत्रों में जलाभिषेक के लिए वापस लौट रहे हैं।
डाक कांवड़ के कारण बड़ी संख्या में वाहन एक साथ सड़कों पर आने से हाईवे और प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ा। रिपोर्टों में हरिद्वार क्षेत्र में कई किलोमीटर तक डाक कांवड़ वाहनों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन और पुलिस के सामने ट्रैफिक संभालने की चुनौती
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के लिए यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है। कांवड़ मेले के दौरान पहले से ही ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं और सामान्य यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सके।
इसके बावजूद शिवरात्रि के दिन अचानक बढ़े यातायात दबाव के कारण कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई।
ऋषिकेश की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी
हरिद्वार से ऋषिकेश जाने वाले मार्ग पर भी यातायात का असर दिखाई दिया। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है और शिवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
ऐसे में हाईवे पर बढ़ा दबाव केवल स्थानीय यातायात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच सफर करने वाले यात्रियों को भी धीमी रफ्तार और भीड़ का सामना करना पड़ा।
आने वाले घंटों में स्थिति पर नजर
शिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और कांवड़ियों की वापसी के कारण प्रशासन लगातार यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि धार्मिक यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से जारी रहे तथा सामान्य यात्रियों को भी कम से कम परेशानी हो।
शिवरात्रि के बाद कांवड़ियों की वापसी पूरी होने के साथ यातायात का दबाव धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं की आस्था और सड़क पर भारी दबाव
हरिद्वार में शिवरात्रि के अवसर पर आस्था का बड़ा सैलाब देखने को मिल रहा है। मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ सड़कों पर भी भारी आवाजाही है। यही वजह है कि हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर आज रफ्तार थमती हुई नजर आई और कई जगह वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए।
फिलहाल हरिद्वार और ऋषिकेश की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

