
लोकसभा में कल छात्रों के मुद्दे पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल गांधी और खरगे की अहम बैठक; संसद गतिरोध खत्म करने की कोशिश तेज
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में छात्रों के आंदोलन और उनसे जुड़े घटनाक्रम पर बयान दे सकते हैं। यह प्रस्ताव संसद में कई दिनों से जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश के तौर पर सामने आया है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव को अभी स्वीकार नहीं किया है और अपनी कुछ मांगों को लेकर वह अब भी अड़ा हुआ है।
छात्रों के मुद्दे पर संसद में गरमाया माहौल
छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़े सवालों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से जवाब मांग रहा है। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में स्पष्ट रूप से बताएं कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई में किस स्तर पर क्या निर्णय लिया गया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल बयान देने से बात खत्म नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से यह सवाल उठाया कि छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था।
अमित शाह के बयान पर टिकी नजर
सरकार की ओर से सोमवार को हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में गतिरोध खत्म करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के बयान और उसके बाद चर्चा का प्रस्ताव रखा गया। सरकार का प्रयास है कि सदन में सामान्य कामकाज शुरू हो और छात्रों के मुद्दे पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत चर्चा हो सके।
अगर विपक्ष प्रस्ताव पर सहमत होता है, तो लोकसभा में अमित शाह का बयान और उसके बाद होने वाली चर्चा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। विपक्ष इस मौके पर सरकार से छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर सीधे जवाब मांग सकता है।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की बैठक
इसी बीच कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की है। विपक्षी दलों के बीच संसद में आगे की रणनीति और सरकार के प्रस्ताव पर रुख को लेकर विचार-विमर्श जारी है।
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे पर केवल औपचारिक बयान पर्याप्त नहीं है। पार्टी सरकार से कार्रवाई की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जवाब चाहती है।
विपक्ष की कई मांगें
सरकार के प्रस्ताव के बावजूद विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक विपक्ष की प्रमुख मांगों में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री का स्पष्ट जवाब और संबंधित घटनाओं पर विस्तृत चर्चा शामिल है। इसके साथ ही विपक्ष ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर भी संसद में चर्चा की मांग उठाई है।
यही वजह है कि सरकार की ओर से अमित शाह के बयान की पेशकश के बावजूद संसद में गतिरोध पूरी तरह खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने सरकार के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के सवालों का सीधा जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी का जोर इस बात पर है कि संसद में यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई किसके आदेश पर हुई।
विपक्ष का कहना है कि छात्रों के मुद्दे को केवल राजनीतिक बहस के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसमें जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है।
सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ी टकराव की स्थिति
मानसून सत्र के दौरान लगातार हंगामे और विरोध के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई है। सरकार की कोशिश है कि अब किसी तरह दोनों पक्षों के बीच सहमति बने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से आगे बढ़े।
वहीं विपक्ष अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना होगा। इस टकराव के कारण संसद में आगे भी हंगामे के आसार बने हुए हैं।
कल क्या हो सकता है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लोकसभा में अमित शाह छात्रों के मुद्दे पर अपना बयान देते हैं और क्या उसके बाद विपक्ष चर्चा के लिए तैयार होता है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में यह पहला बड़ा कदम हो सकता है।
लेकिन यदि विपक्ष अपनी मांगों पर कायम रहता है और सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो संसद की कार्यवाही एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ सकती है।
फिलहाल सबकी नजर लोकसभा की अगली कार्यवाही पर है, जहां अमित शाह के संभावित बयान और राहुल गांधी समेत विपक्ष के रुख से संसद की आगे की रणनीति तय होने की उम्मीद है।

