
लखनऊ अग्निकांड: ‘पापा मुझे बचा लीजिए…’, बेटे की चीखें सुन तुरंत अलीगंज भागे पिता, सबकुछ हो गया तबाह
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। इस दर्दनाक हादसे की सबसे मार्मिक कहानी उस पिता की है, जिसे आग में फंसे अपने बेटे का आखिरी फोन आया। बेटे की घबराई हुई आवाज सुनते ही पिता बिना एक पल गंवाए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े, लेकिन जब तक वह पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिजनों के मुताबिक, आग लगने के दौरान बिल्डिंग में फंसे बेटे ने अपने पिता को फोन कर कहा, “पापा… मुझे बचा लीजिए, यहां चारों तरफ धुआं है, मैं बाहर नहीं निकल पा रहा हूं।” बेटे की चीखें सुनकर पिता बदहवास होकर अलीगंज पहुंचे, लेकिन तब तक पूरी इमारत धुएं और आग की लपटों से घिर चुकी थी।
मौके पर पहुंची दमकल और राहत-बचाव टीम लगातार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करती रही। कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन कुछ लोग धुएं और आग के बीच फंस गए। रेस्क्यू टीम ने इमारत के पीछे की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और घंटों तक बचाव अभियान चलाया। हादसे में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं और उनका इलाज अस्पतालों में जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद भवन में अफरा-तफरी मच गई थी। जान बचाने के लिए कुछ छात्रों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी, जबकि कई लोग अंदर ही फंस गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अपनों की तलाश में लोग अस्पतालों और घटनास्थल के बीच भटकते रहे।
इस भीषण हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम आग लगने के कारण, भवन में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही की जांच कर रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पूरा प्रदेश इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ हादसे के कारणों की गहन जांच में जुटा हुआ है।

