राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों की दो टूक, बोले- तथ्यों के बिना आरोप उचित नहीं

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों की दो टूक, बोले- तथ्यों के बिना आरोप उचित नहीं

Ram Mandir Ayodhya में चढ़ावे और धनराशि को लेकर उठे विवाद के बीच देशभर के साधु-संतों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। संत समाज का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी मामले पर बिना प्रमाण के आरोप लगाना उचित नहीं है। कई संतों ने कहा कि यदि किसी को किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका है तो संबंधित जांच एजेंसियों के माध्यम से तथ्यों को सामने लाना चाहिए।

अनेक धार्मिक नेताओं का मानना है कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा आय-व्यय और चढ़ावे के प्रबंधन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। संतों ने कहा कि आस्था के विषयों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए और किसी भी आरोप की सत्यता जांच के बाद ही तय की जानी चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ जनभावनाओं का सम्मान करने पर भी जोर दिया।

संत समाज के कई प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत या सवाल हैं तो उनका समाधान कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। उनका कहना है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है, इसलिए इस विषय पर जिम्मेदारी और संयम के साथ बयान दिए जाने चाहिए।

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