मेघालय का हनीमून मर्डर केस: दोबारा जेल जा सकती है सोनम रघुवंशी? सुप्रीम कोर्ट ने दिए दो विकल्प
मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द नहीं की, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए दो विकल्प सामने रखे। अदालत ने कहा कि या तो सोनम ट्रायल कोर्ट की ओर से तय की गई जमानत की शर्तों का पूरी तरह पालन करें, अथवा यदि वह ऐसा नहीं करना चाहतीं तो उन्हें न्यायिक हिरासत में वापस जाना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत का मतलब यह नहीं है कि आरोपी शर्तों से मुक्त हो जाए।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की उस याचिका पर विचार किया, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती दी गई है। अदालत ने कहा कि पहली नजर में हाईकोर्ट के आदेश पर सवाल उठते हैं, लेकिन चूंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए फिलहाल उनकी जमानत पर तत्काल रोक नहीं लगाई जाएगी। साथ ही कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अंतिम सुनवाई में यदि जमानत का आदेश गलत पाया गया तो उसे रद्द किया जा सकता है।
राजा रघुवंशी की हत्या का मामला 2025 में सामने आया था, जब इंदौर निवासी नवविवाहित दंपति मेघालय हनीमून पर गए थे। कुछ दिनों बाद राजा का शव सोहरा (चेरापूंजी) के पास एक गहरी खाई में मिला था। जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि सोनम रघुवंशी ने कथित तौर पर अपने प्रेमी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इसके बाद सोनम समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में ट्रायल कोर्ट और फिर मेघालय हाईकोर्ट ने तकनीकी आधारों पर सोनम को जमानत दे दी थी। अदालत ने माना था कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियां थीं और गिरफ्तारी के आधार सही तरीके से नहीं बताए गए थे। इसी फैसले को मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या उन्हें दोबारा जेल भेजा जाएगा।

