
महंगाई की नई चुनौती! क्या RBI का अगला फैसला आपकी EMI बढ़ाएगा या राहत देगा?
देश में महंगाई एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों के घरेलू बजट पर असर डाला है। ऐसे में अब सभी की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि ब्याज दरों को लेकर लिया गया कोई भी फैसला सीधे आम लोगों को प्रभावित कर सकता है।
RBI महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता है। यदि महंगाई लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कटौती करने से बच सकता है। वहीं, अगर महंगाई काबू में आती है और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की जरूरत महसूस होती है, तो ब्याज दरों में राहत देने पर भी विचार किया जा सकता है।
रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर बैंकों की लोन ब्याज दरों और EMI पर पड़ता है। फ्लोटिंग रेट वाले होम, कार और पर्सनल लोन लेने वालों की मासिक किस्तें बढ़ या घट सकती हैं। हालांकि, RBI का अंतिम फैसला महंगाई के आंकड़ों, आर्थिक वृद्धि, वैश्विक परिस्थितियों और वित्तीय स्थिरता जैसे कई कारकों का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा। इसलिए आने वाली मौद्रिक नीति बैठक करोड़ों लोनधारकों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

