
पेटीएम पर किसकी लगी नजर? कभी बाजार का बादशाह, अब मुश्किलों में घिरा!
एक समय डिजिटल पेमेंट की दुनिया में Paytm का दबदबा ऐसा था कि हर छोटे-बड़े भुगतान में इसका नाम सबसे आगे लिया जाता था। लेकिन अब वही पेटीएम लगातार चुनौतियों और विवादों के दौर से गुजर रहा है। कभी बाजार पर लगभग कब्जा रखने वाली कंपनी आज नियामकीय सख्ती, बढ़ते प्रतिस्पर्धी दबाव और निवेशकों की चिंता के कारण मुश्किलों में घिरी नजर आ रही है। खासकर हाल के महीनों में आए झटकों ने कंपनी की साख और कारोबार दोनों पर असर डाला है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पेटीएम को किसकी नजर लग गई, जिसने फिनटेक की इस बड़ी ताकत को संकट में ला खड़ा किया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि एक तरफ सरकारी नियमों की सख्ती और दूसरी तरफ PhonePe और Google के Google Pay जैसे प्रतिस्पर्धियों का दबाव पेटीएम के लिए चुनौती बना। निवेशकों की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने और कारोबारी मॉडल को लेकर उठे सवालों ने भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ाईं। कभी जिस कंपनी को डिजिटल इंडिया की सफलता का चेहरा माना जाता था, आज वही अस्तित्व और भरोसे की लड़ाई लड़ती दिख रही है। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या पेटीएम फिर से वापसी कर पाएगा या यह गिरावट किसी बड़े बदलाव का संकेत है।

