
डेड बॉडी के प्राइवेट पार्ट पर टिप्पणी करने वाली MBBS छात्रा सेजल पर FIR, जानें क्या हैं कानूनी प्रावधान
एक मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा सेजल के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक विवादित वीडियो को लेकर FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि छात्रा ने एनाटॉमी लैब में रखे एक शव के निजी अंगों का मजाक उड़ाते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे मृतक की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति द्वारा शव या मानव अवशेषों के साथ अनादरपूर्ण व्यवहार किया जाता है या ऐसी सामग्री सार्वजनिक रूप से प्रसारित की जाती है जिससे मृतक की गरिमा प्रभावित हो, तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मामले की प्रकृति और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराएं लागू हो सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता, उसके निर्माण की परिस्थितियों और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और क्या इससे किसी नियम, मेडिकल एथिक्स या कानून का उल्लंघन हुआ है। मेडिकल संस्थानों में शवों का उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है और उनके सम्मान व गोपनीयता को बनाए रखना छात्रों और शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत जुर्माना, संस्थागत अनुशासनात्मक कार्रवाई या न्यायालय द्वारा निर्धारित अन्य दंड का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अंतिम सजा या कानूनी परिणाम अदालत के निर्णय और मामले के तथ्यों पर निर्भर करेंगे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

