
डांजारा-2026 में नन्हे कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू, व्यक्तित्व निर्माण में कला अहम : न्यायमूर्ति दिनेश चन्द सोमानी
जयपुर के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट (SIAM) ऑडिटोरियम, दुर्गापुरा में द हुकस्टेप डांस इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव “डांजारा-2026” का भव्य आयोजन उत्साह और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन द हुकस्टेप वेडिंग एंड इवेंट्स द्वारा किया गया, जहां बड़ी संख्या में दर्शकों ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
कार्यक्रम में राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री दिनेश चन्द सोमानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री भगवान लाल सोनी (IPS, सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस आयुक्त जयपुर एवं पूर्व महानिदेशक ACB राजस्थान तथा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री मोहनलाल सोनी (RJS) भी मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
इस अवसर पर नन्हे कलाकारों ने क्लासिकल, सेमी-क्लासिकल, बॉलीवुड, कंटेम्पररी, वेस्टर्न, सोलो, डुएट और समूह नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की ऊर्जा, आत्मविश्वास और अनुशासन ने दर्शकों को लगातार तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। पूरा माहौल कला, संस्कृति और रचनात्मकता से सराबोर रहा।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति दिनेश चन्द सोमानी ने कहा कि कला बच्चों के व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त माध्यम है, जो उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करें। वहीं विशिष्ट अतिथि भगवान लाल सोनी ने कहा कि कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करने का प्रभावी साधन है।
संस्थान के डायरेक्टर आकाश शर्मा और क्रिएटिव डायरेक्टर चाँदनी सोनी ने बताया कि उनका उद्देश्य बच्चों को केवल नृत्य सिखाना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिससे “डांजारा-2026” एक यादगार सांस्कृतिक उत्सव के रूप में सामने आया।

