जिन राज्यों में BJP की सरकार नहीं, वहां SIR को लेकर पार्टी ने उठाए कई सवाल, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

जिन राज्यों में BJP की सरकार नहीं, वहां SIR को लेकर पार्टी ने उठाए कई सवाल, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन राज्यों में, जहां उसकी सरकार नहीं है, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।

बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कुछ राज्यों में मतदाता सूची में फर्जी नाम, डुप्लिकेट एंट्री और अपात्र मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से नहीं अपनाई जा रही है। पार्टी का दावा है कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, वहां SIR की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि पूरे देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया लागू होनी चाहिए।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा सकता है और इससे पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का नियमित और कानूनी हिस्सा है तथा इसका उद्देश्य केवल पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और सभी पक्षों की भागीदारी के साथ पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा विभिन्न राज्यों की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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