
‘चढ़ावे की चोरी तक नहीं रुकी’… इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी, भ्रष्टाचार पर कड़ी सजा की वकालत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार और सार्वजनिक आस्था से जुड़े अपराधों पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जब लोग धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी करने से भी नहीं हिचकिचाते, तो यह समाज में नैतिक गिरावट का गंभीर संकेत है। कोर्ट ने भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर दंड व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार देश के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इसी संदर्भ में कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए मृत्युदंड जैसे कठोर प्रावधान पर भी विचार किए जाने की जरूरत महसूस होती है। यह अदालत की टिप्पणी थी, न कि कोई नया कानूनी आदेश या नीति।
हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानूनों और दंड व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, वर्तमान में भारत में भ्रष्टाचार के मामलों में मृत्युदंड का कोई प्रावधान नहीं है और ऐसे किसी बदलाव के लिए विधायी प्रक्रिया के तहत कानून में संशोधन आवश्यक होगा।

