
घाटा Air India का, लेकिन बवाल विदेश में क्यों? Tata से क्या है Singapore Airlines का कनेक्शन?
Air India के बढ़ते घाटे और कंपनी के लिए मांगी गई नई पूंजी ने भारत के साथ-साथ सिंगापुर में भी बहस छेड़ दी है। वजह है Singapore Airlines (SIA) की Air India में 25.1% हिस्सेदारी। Air India को इस समय करीब 1.5 अरब डॉलर की नई इक्विटी की जरूरत है, जबकि बीते वित्त वर्ष में Air India Group को करीब 2.33 अरब डॉलर का रिकॉर्ड घाटा हुआ। इसी वजह से सिंगापुर में यह सवाल उठ रहा है कि वहां की प्रमुख एयरलाइन को Air India में लगातार निवेश क्यों करना पड़ रहा है।
Tata और Singapore Airlines का कनेक्शन क्या है?
दरअसल, Tata Group और Singapore Airlines का रिश्ता Air India से पहले का है। साल 2013 में दोनों कंपनियों ने मिलकर Tata SIA Airlines नाम की संयुक्त कंपनी बनाई थी, जिसने बाद में Vistara के नाम से उड़ानें शुरू कीं। इसमें Tata Sons की 51% और Singapore Airlines की 49% हिस्सेदारी थी।
इसके बाद Tata Group ने जनवरी 2022 में सरकार से Air India का अधिग्रहण किया। नवंबर 2024 में Air India और Vistara का विलय पूरा हुआ। इस सौदे के बाद Vistara में अपनी 49% हिस्सेदारी के बदले Singapore Airlines को नई Air India Group में 25.1% हिस्सेदारी मिली।
यानी आज Air India में Tata Group बहुमत हिस्सेदार है, जबकि Singapore Airlines एक महत्वपूर्ण अल्पांश हिस्सेदार है।
फिर सिंगापुर में बवाल क्यों?
Air India के घाटे के बाद कंपनी को अपने मालिकों से अतिरिक्त पूंजी की जरूरत पड़ी है। Air India ने करीब 1.5 अरब डॉलर की नई इक्विटी मांगी है। Tata Sons ने करीब 1.1 अरब डॉलर की पूंजी देने की दिशा में कदम बढ़ाया है, लेकिन Singapore Airlines की ओर से नई पूंजी को लेकर ज्यादा सतर्क रुख सामने आया है।
यही मुद्दा सिंगापुर में राजनीतिक बहस का कारण बना। Singapore Airlines में सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी Temasek की बड़ी हिस्सेदारी है। इसलिए वहां सवाल उठाया गया कि अगर Singapore Airlines Air India में और पैसा लगाती है तो क्या अप्रत्यक्ष रूप से सिंगापुर के सरकारी निवेश से जुड़ा धन एक घाटे में चल रही भारतीय एयरलाइन में जा रहा है।
हालांकि सिंगापुर सरकार ने स्पष्ट किया है कि Singapore Airlines अपने निवेश संबंधी फैसले खुद लेती है और Air India में निवेश उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
Singapore Airlines Air India में पैसा क्यों लगाएगी?
Singapore Airlines के लिए भारत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण विमानन बाजारों में से एक है। Air India में हिस्सेदारी के जरिए उसे भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट में सीधी भागीदारी मिलती है। Singapore Airlines खुद इसे अपनी multi-hub strategy का हिस्सा बताती है।
इसके अलावा Air India और Singapore Airlines के बीच नेटवर्क और व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश भी जारी है। Singapore Airlines के मुताबिक दोनों कंपनियों ने 2026 में Commercial Cooperation Framework Agreement भी किया है और दोनों के बीच कई अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों पर codeshare व्यवस्था है।
Air India को इतना घाटा क्यों हुआ?
Air India का घाटा सिर्फ एक कारण से नहीं जुड़ा है। कंपनी बड़े स्तर पर बदलाव और आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। विमान बेड़े के आधुनिकीकरण, पुराने विमानों और सिस्टम में बदलाव, सप्लाई चेन की समस्याओं, ईंधन लागत और अंतरराष्ट्रीय परिचालन से जुड़ी चुनौतियों ने वित्तीय दबाव बढ़ाया है। पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइनों के कुछ रूट भी लंबे हुए हैं।
Tata Group के लिए भी Air India को मुनाफे में लाना आसान काम नहीं है। कंपनी ने संकेत दिया है कि एयरलाइन के व्यापक बदलाव में कई साल लग सकते हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि Singapore Airlines Air India में नई पूंजी लगाने को किस शर्त पर तैयार होती है। रिपोर्टों के मुताबिक SIA बेहतर governance rights, performance targets और Air India के संचालन पर अधिक प्रभाव चाहती है। यानी मामला केवल पैसा लगाने का नहीं, बल्कि यह भी है कि भविष्य में उस निवेश पर Singapore Airlines को कितना नियंत्रण और भरोसा मिलना चाहिए।
कुल मिलाकर, Air India का घाटा भारत की एयरलाइन कंपनी का वित्तीय मुद्दा है, लेकिन Singapore Airlines की 25.1% हिस्सेदारी ने इसे सिंगापुर का भी मुद्दा बना दिया है। Tata Group और Singapore Airlines की पुरानी Vistara साझेदारी अब Air India के रूप में एक बड़े कारोबारी रिश्ते में बदल चुकी है। इसलिए Air India की आर्थिक स्थिति का असर उसके भारतीय मालिकों के साथ-साथ उसके सिंगापुर स्थित बड़े साझेदार पर भी पड़ रहा है।

